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Hitler The Rise Of Evil In Hindi

यह फिल्म सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों का जीवंत चित्रण है जिन्होंने हिटलर को जन्म दिया:

1945 तक आते-आते जर्मन सेना पूरी तरह हार चुकी थी और सोवियत सेना बर्लिन तक पहुंच गई थी। अपनी निश्चित हार और पकड़े जाने के डर से, को एडोल्फ़ हिटलर ने बर्लिन में अपने भूमिगत बंकर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसके साथ ही नाजी साम्राज्य का भी अंत हो गया। निष्कर्ष (Conclusion)

हिटलर की विचारधारा फासीवाद, राष्ट्रवाद और यहूदी विरोधी भावनाओं पर आधारित थी। वह जर्मनी के लिए एक मजबूत और केंद्रीकृत सरकार बनाना चाहता था, जो यहूदियों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों को दबा दे। हिटलर का मानना था कि जर्मनी को अपने पूर्व गौरव को दिलाने के लिए एक मजबूत सेना और एक शक्तिशाली नेता की आवश्यकता है।

1929 की महामंदी (Great Depression) ने जर्मनी को बर्बाद कर दिया। बेरोजगार युवाओं ने हिटलर के वादों में एक नई आशा देखी। hitler the rise of evil in hindi

: रॉबर्ट कार्लाइल द्वारा अभिनीत मुख्य भूमिका।

यह फिल्म हिटलर के बचपन से शुरू होकर 1934 में उसके जर्मनी का पूर्ण तानाशाह (Führer) बनने तक की घटनाओं को कवर करती है। कहानी को मुख्य रूप से निम्नलिखित चरणों में विभाजित किया जा सकता है:

जेल में रहते हुए हिटलर ने अपनी आत्मकथा 'मैन काम्फ' लिखी। इस किताब में उसने अपने नस्लीय सिद्धांतों, आर्यों की सर्वोच्चता और यहूदियों के विनाश की अपनी क्रूर योजनाओं का खाका तैयार किया। hitler the rise of evil in hindi

अडोल्फ हिटलर, एक ऐसा नाम जो इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चित और विवादित व्यक्तियों में से एक है। वह जर्मनी के पूर्व चांसलर और नाज़ी पार्टी के नेता थे, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप में तहलका मचा दिया था। उनकी विचारधारा और कार्यों ने लाखों लोगों की मौत का कारण बना और विश्व इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया।

1920 के दशक में, हिटलर ने एक छोटी-सी पार्टी, , में शामिल होकर उसे नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी (नाजी पार्टी) में बदल दिया । एक अद्भुत वक्ता (orator) और प्रचारक के रूप में उसकी अदम्य ऊर्जा ने गुस्से, निराशा और गरीबी में जी रहे जर्मन जनता के बीच उसे एक जन नेता बना दिया। 1928 में जहां नाजियों के पास संसद में मात्र 12 सीटें थीं, वहीं 1932 तक यह संख्या बढ़कर 230 सीटों (1930 in 107 seats) पर पहुंच गई, जिससे नाजी पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई。

1929 की वैश्विक आर्थिक मंदी (Great Depression) ने जर्मनी को बर्बाद कर दिया। भुखमरी और बेरोजगारी के उस दौर में हितलर के उग्र भाषणों ने लोगों को प्रभावित किया। नाजी पार्टी ने प्रोपेगेंडा का जमकर इस्तेमाल किया। 1932 के चुनावों में नाजी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और जनवरी 1933 में राष्ट्रपति हिंडनबर्ग ने हितलर को जर्मनी का नियुक्त किया। hitler the rise of evil in hindi

1923 में हिटलर ने सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश की, जिसे 'बीयर हॉल पुच' कहा जाता है। यह प्रयास विफल रहा और उसे जेल भेज दिया गया। जेल में रहकर उसने अपनी कुख्यात आत्मकथा लिखी, जिसने उसके कट्टरपंथी विचारों को पूरे जर्मनी में फैलाया।

यह अभिनय इसलिए भी उल्लेखनीय था क्योंकि हिटलर को 'इंसानी चेहरा' देना एक बेहद जोखिम भरा प्रयास था। यह फिल्म दर्शाती है कि कैसे कार्लाइल ने हिटलर की अति असुरक्षा को भी दिखाया और उसके सत्ता पाने के जुनूनी आत्मविश्वास को भी। उनके द्वारा भाषणों का अभ्यास करना, रूमाल निकालना और उस ऐतिहासिक मूंछों को अपनाना, सब कुछ देखते हुए हम उस पैदा हो रहे राक्षस को देख सकते हैं जो अपने समय की चुनौतियों का जवाब था।

एडोल्फ़ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल 1889 को ऑस्ट्रिया के एक छोटे से शहर ब्रौनाउ एम इन (Braunau am Inn) में हुआ था। बचपन में वह एक पादरी बनना चाहता था, और बाद में उसने एक पेंटर (कलाकार) बनने का सपना देखा। वह वियना की 'एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स' में दाखिला लेना चाहता था, लेकिन उसे दो बार खारिज कर दिया गया। इसी असफलता और वियना के माहौल ने उसके भीतर यहूदियों के प्रति नफरत के बीज बोए।