यह कहानी दुनिया के सबसे प्रसिद्ध जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है। पॉयरोट मध्य पूर्व से लंदन लौट रहे हैं और इस्तांबुल में 'ओरिएंट एक्सप्रेस' ट्रेन में सवार होते हैं। उस समय का ओरिएंट एक्सप्रेस बहुत ही शानदार और प्रतिष्ठित ट्रेन थी।
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अगाथा क्रिस्टी (Agatha Christie) को 'क्वीन ऑफ क्राइम' कहा जाता है, और जब बात उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों की आती है, तो का नाम सबसे ऊपर आता है। 1934 में प्रकाशित यह उपन्यास न केवल एक पहेली है, बल्कि मानवीय भावनाओं, न्याय और प्रतिशोध की एक गहरी कहानी भी है।
पोइरोट पाते हैं कि रैचेट वास्तव में एक अपराधी था, जो कई साल पहले नामक एक छोटी बच्ची के अपहरण और हत्या में शामिल था। रैचेट ने घूस देकर कानून से बचने की कोशिश की थी। murder on the orient express in hindi
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, हेरक्यूल पोइरोट ने पाया कि रैचेट की हत्या एक साजिश का हिस्सा थी। रैचेट ने कई लोगों को ब्लैकमेल किया था, और उनमें से एक ने उसकी हत्या कर दी थी।
एक रूसी राजकुमारी (Princess Dragomiroff)
जले हुए कागज से मिला नाम 'डेज़ी आर्मस्ट्रांग' इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट है। पोयरो को याद आता है कि कुछ साल पहले अमेरिका में एक बेहद दर्दनाक घटना घटी थी। डेज़ी आर्मस्ट्रांग एक छोटे बच्चे का नाम था, जिसका अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ता ने भारी फिरौती लेने के बावजूद मासूम डेज़ी की हत्या कर दी थी। बल्कि मानवीय भावनाओं
Agatha Christie की लोकप्रियता भारत में भी देखी जा सकती है। हालाँकि 'मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस' की सीधी हिंदी रीमेक नहीं बनी, लेकिन क्रिस्टी की कहानी 'And Then There Were None' पर 1965 में हिंदी फिल्म बनाई गई थी। यह फिल्म अपने डरावने माहौल और प्रतिष्ठित गाने 'गुमनाम है कोई' के लिए मशहूर हुई। 'शुभो महूरत' और 'द फिल्म' जैसी कई भारतीय फिल्मों पर क्रिस्टी के काम का प्रभाव साफ देखा जा सकता है।
रैटचेट का नौकर।
एक बूढ़ी रूसी राजकुमारी। murder on the orient express in hindi
कत्ल किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि ट्रेन में मौजूद सभी 12 यात्रियों ने मिलकर किया था।
पर हिंदी में विस्तृत लेख नीचे दिया गया है। यह लेख उपन्यास की कहानी, मुख्य पात्रों और प्रमुख विषयों का विश्लेषण करता है।
मर्डर का शिकार, एक दुष्ट और शातिर अपराधी।
शीतकाल का समय है, और आमतौर पर इस मौसम में खाली रहने वाली ट्रेन रहस्यमयी रूप से खचाखच भरी हुई है। पोयरोट को अपने मित्र मोंसियर बोक (जो इस ट्रेन कंपनी के डायरेक्टर हैं) की मदद से बमुश्किल एक केबिन (कम्पार्टमेंट) मिलता है।
एक हंगेरियन राजनयिक।